vps/usc/1a/1100/24032006/1

 

अशोधित प्रति/ प्रकाशनार्थ नहीं

 

राजस्‍थान विधान सभा की कार्यवाही का वृत्‍तान्‍त

 

अंक 5 बारहवीं विधान सभा के पांचवें सत्र का पच्‍चीसवां दिवस संख्‍या  16

 

 

शुक्रवार,

24 मार्च, 2006

 

राजस्‍थान विधान सभा की बैठक 11.00 बजे

विधान सभा भवन, जयपुर में प्रारम्‍भ हुई।

 

(श्रीमती सुमित्रा सिंह, अध्‍यक्ष, पदासीन)

 

प्रश्‍न काल का निलम्‍बन

 

(प्रतिपक्ष के माननीय सदस्‍यों द्वारा सदन कूप में धरना व भारी नारेबाजी जारी)

                               

श्री अध्‍यक्ष:  माननीय सदस्‍यगण, माननीय सदस्‍यगण, मैं आज के क्‍वेश्‍चन आवर को निलम्बित करके, और चूंकि मेरे खिलाफ प्रतिपक्ष ने अविश्‍वास प्रस्‍ताव पेश किया है, मैं उन नियमों में जो 14 दिन की छूट है कि 14 दिन बाद रखा जाता है अविश्‍वास का प्रस्‍ताव, उन नियमों में छूट देते हुए मैं चाहूंगी कि अविश्‍वास के प्रस्‍ताव पर आज ही चर्चा कर ली जाए। आज ही चर्चा कर ली जाए।

(प्रतिपक्ष के माननीय सदस्‍यों द्वारा सदन कूप में भारी नारेबाजी)

आप अविश्‍वास के प्रस्‍ताव पर चर्चा नहीं करना चाहते? आप अविश्‍वास के प्रस्‍ताव पर चर्चा नहीं कराना चाहते? आपने अविश्‍वास का प्रस्‍ताव पेश किया है। आपने अविश्‍वास का प्रस्‍ताव पेश किया है। उस पर चर्चा करिये न। ... (व्‍यवधान) नेता प्रतिपक्ष, नेता प्रतिपक्ष, माननीय नेता प्रतिपक्ष, माननीय नेता प्रतिपक्ष, आपने अविश्‍वास का प्रस्‍ताव दिया है, मैं आज ही उस पर चर्चा कराना चाहती हूं। आपके सदस्‍य अपनी-अपनी सीटों पर जाएं और अविश्‍वास के प्रस्‍ताव पर चर्चा करें। ... (व्‍यवधान) आपको अविश्‍वास के प्रस्‍ताव पर चर्चा नहीं करनी? माननीय सदस्‍यगण, मुझे बड़ा अफसोस है इस बात का कि इस सदन में हिन्‍दुस्‍तान के अन्‍दर बाकी सदनों के मुकाबले इस सदन की ... (व्‍यवधान)

(प्रतिपक्ष के माननीय सदस्‍यों द्वारा सदन कूप में भारी नारेबाजी)

श्री महावीर प्रसाद जैन (मुख्‍य सचेतक): आप अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर चर्चा शुरू करो न । चर्चा तो शुरू करो आप। आप अपने प्रस्‍ताव के प्रति गम्‍भीर नहीं हैं। आप अपने प्रस्‍ताव के प्रति गम्‍भीर नहीं हैं। ... (व्‍यवधान)

(प्रतिपक्ष के माननीय सदस्‍यों द्वारा सदन कूप में भारी नारेबाजी)

श्री अध्‍यक्ष: माननीय नेता प्रतिपक्ष, आपने अविश्‍वास का प्रस्‍ताव पेश किया है। अविश्‍वास का प्रस्‍ताव पेश किया, आप उस पर चर्चा नहीं करना चाहते? फिर क्‍यों दिया आपने अविश्‍वास का प्रस्‍ताव? ... (व्‍यवधान)

श्री महावीर प्रसाद जैन (मुख्‍य सचेतक): सोनिया गांधी ने कहा है कि वह उनके चमचों से परेशान है।... (व्‍यवधान) हे +++ सुनो ... (व्‍यवधान) सोनिया गांधी ने कहा है कि मैं मेरे +++ से परेशान हूं ... (व्‍यवधान) हे +++ सुनो। सोनिया गांधी ने कल ही कहा है कि मैं अपने चमचों से परेशान हूं। सोनिया गांधी ने कहा है। ... (व्‍यवधान)

(प्रतिपक्ष के माननीय सदस्‍यों द्वारा सदन कूप में भारी नारेबाजी)

  आपने अविश्‍वास प्रस्‍ताव रखा है, क्‍या आप उसके प्रति गम्‍भीर नहीं है? क्‍या आप अपने प्रस्‍ताव के प्रति गम्‍भीर नहीं है? यह संसदीय इतिहास का काला दिवस है। काला दिवस है। यह संसदीय इतिहास का काला दिवस है कि जो प्रस्‍ताव लाये हैं वह ही समय बरबाद कर रहे हैं। ... (व्‍यवधान) आप अपनी सीटों पर जाएं। ... (व्‍यवधान) नहीं तो यह प्रस्‍ताव लाना पड़ेगा। आप अपने-अपने स्‍थानों पर जाएं। नहीं तो माननीय सदस्‍य, निलम्‍बन प्रस्‍ताव लाना पड़ेगा। आप अपने प्रस्‍ताव के प्रति गम्‍भीर नहीं हैं। ... (व्‍यवधान) निलम्‍बन प्रस्‍ताव लाना पड़ेगा। ... (व्‍यवधान)

(प्रतिपक्ष के माननीय सदस्‍यों द्वारा सदन कूप में भारी नारेबाजी)

श्री अध्‍यक्ष: आप अविश्‍वास का प्रस्‍ताव पेश करिये। नेता प्रतिपक्ष, मेहरबानी करके अविश्‍वास के प्रस्‍ताव को पेश करें आप। ... (व्‍यवधान)

श्री महावीर प्रसाद जैन (मुख्‍य सचेतक): ... (व्‍यवधान) नहीं है इनके पास। अविश्‍वास प्रस्‍ताव तो रख दिया लेकिन इनके पास वह संख्‍या नहीं है। लेकिन इसके लिए ... (व्‍यवधान) यह छिपाना चाहते हैं। ... (व्‍यवधान)

(प्रतिपक्ष के माननीय सदस्‍यों द्वारा सदन कूप में भारी नारेबाजी)

श्री घनश्‍याम तिवाड़ी (शिक्षा मंत्री): माननीय अध्‍यक्ष महोदय, प्रस्‍ताव रखने के लिए 40 ... (व्‍यवधान)  

(प्रतिपक्ष के माननीय सदस्‍यों द्वारा सदन कूप में भारी नारेबाजी व व्‍यवधान)

आवश्‍यकता होती है यहां पर ... (व्‍यवधान)विपक्ष इसलिए यह प्रस्‍ताव यहां पर नहीं रखना चाहता ...(व्‍यवधान) यह सारा सदन देख रहा है और यह प्रस्‍ताव अपने आप में ही खारिज ... (व्‍यवधान)

(प्रतिपक्ष के माननीय सदस्‍यों द्वारा सदन कूप में भारी नारेबाजी)

श्री अध्‍यक्ष: आप अविश्‍वास का प्रस्‍ताव रखें। अविश्‍वास का प्रस्‍ताव रखें। ... (व्‍यवधान)

श्री राजेन्‍द्र राठौड़ (सार्वजनिक निर्माण मंत्री): अध्‍यक्ष महोदय, जो प्रस्‍ताव प्रतिपक्ष ने आपके ... (व्‍यवधान) उस पर प्रतिपक्ष चर्चा करें। प्रस्‍ताव जो इन्‍होंने किया है ।

(प्रतिपक्ष के माननीय सदस्‍यों द्वारा सदन कूप में भारी नारेबाजी)

चर्चा करो न, करो चर्चा। आपने माननीय अध्‍यक्ष के खिलाफ प्रस्‍ताव रखा, हिम्‍मत हो तो करो चर्चा। करो हिम्‍मत हो तो चर्चा। ... (व्‍यवधान) आप चर्चा करो। चर्चा करो। प्रस्‍ताव रखकर ... (व्‍यवधान)

(प्रतिपक्ष के माननीय सदस्‍यों द्वारा सदन कूप में भारी नारेबाजी)

श्री रामनारायण डूडी (राजस्‍व मंत्री): अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर चर्चा करो न। ... (व्‍यवधान)

(प्रतिपक्ष के माननीय सदस्‍यों द्वारा सदन कूप में भारी नारेबाजी)

श्री अध्‍यक्ष: मेरा नेता प्रतिपक्ष से निवेदन है कि राजस्‍थान की विधान सभा के शानदार इतिहास को इस प्रकार से मखौल न बनायें, कलंकित नहीं करें। अविश्‍वास का प्रस्‍ताव आपने पेश किया है, आप कृपा करके उसे रखें।

(प्रतिपक्ष के माननीय सदस्‍यों द्वारा सदन कूप में भारी नारेबाजी)

माननीय नेता प्रतिपक्ष, माननीय नेता प्रतिपक्ष, मैं फिर निवेदन कर रही हूं। मैं फिर निवेदन कर रही हूं कि आपने जो अविश्‍वास प्रस्‍ताव ... (व्‍यवधान) यह क्‍या तमाशा बना रखा है, आपने विधान सभा को? ... (व्‍यवधान)

(प्रतिपक्ष के माननीय सदस्‍यों द्वारा सदन कूप में भारी नारेबाजी)

 

Spp/usc/24.3.2006/1110/1b(1)

 

श्री अध्‍यक्ष: सदन की कार्यवाही एक घण्‍टे के लिये 12 बजकर 10 मिनट तक के लिये स्‍थगित की जाती है।

(तदनन्‍तर सदन की बैठक 11.11 बजे, 1210 बजे तक के लिये स्‍थगित हुई)

 

msr/usc/24032006/1210/1h

 

(समय: 12.10 बजे)

(पुन:समवेत् होने पर)

(श्रीमती सुमित्रा सिंह, अध्‍यक्ष, पदासीन)

(प्रतिपक्ष के माननीय सदस्‍यों द्वारा सदन के वैल में धरना व नारेबाजी)

 

श्री अध्‍यक्ष: चूंकि प्रतिपक्ष ने अध्‍यक्ष के खिलाफ अविश्‍वास का प्रस्‍ताव रखा है इसलिए मैं सबसे पहले श्री रामनाराण चौधरी, जो नेता प्रतिपक्ष हैं उनको पुकारती हूं कि वे इस प्रस्‍ताव को पेश करें।

मैं अब श्री शिवचरण माथुर को निवेदन कर रही हूं कि वो प्रस्‍ताव को पेश करें। श्री शिवचरणजी माथुर, कृपया प्रस्‍ताव पेश करें, आप भी उसके एक सिग्‍नेटरी हैं इसलिए कृपया आप प्रस्‍ताव पेश करें।

डा.बुलाकीदास कल्‍ला, आप भी सिग्‍नेटरी हैं, आपने भी दस्‍तखत किये हैं, कृपया आप प्रस्‍ताव पेश करें।

डा.सी.पी.जोशी, आप यहां मौजूद हैं, आप कृपया, आपने भी हस्‍ताक्षर किये हैं आप कृपया प्रस्‍ताव पेश करें।

(प्रतिपक्ष के माननीय सदस्‍यों द्वारा सदन वैल में नारेबाजी)

श्री महावीर प्रसाद जैन (मुख्‍य सचेतक): अध्‍यक्ष महोदय, यह हस्‍ताक्षर इनके नहीं हैं, यह कोई फर्जी दस्‍तखत किये हुए हैं।

श्री अध्‍यक्ष: डा.सी.पी.जोशी, प्रस्‍ताव पेश करें। डा.सी.पी.जोशी।

श्री एमादुद्दीन अहमद खान। श्री एमादुद्दीन अहमद खान, आप कृपया प्रस्‍ताव पेश करें। श्री एमादुद्दीन अहमद खान।

(प्रतिपक्ष के माननीय सदस्‍यों द्वारा सदन वैल में नारेबाजी)

श्री महावीर प्रसाद जैन (मुख्‍य सचेतक): किसी दूसरे ने प्रस्‍ताव पेश ...(व्‍यवधान)... अध्‍यक्ष महोदय, यह फर्जी हस्‍ताक्षर लगते हैं।

श्री अध्‍यक्ष: श्री रामचन्‍द्र सराधना। श्री रामचन्‍द्र सराधना, कृपया प्रस्‍ताव पेश करें। ...(व्‍यवधान)... 

श्री महावीर प्रसाद जैन (मुख्‍य सचेतक): रामचन्‍द्रजी, आपने किये हैं क्‍या? ...(व्‍यवधान)... 

श्री अध्‍यक्ष: श्री जगन्‍नाथ पहाडि़या। श्री जगन्‍नाथ पहाडि़या, प्रस्‍ताव पेश करिये।

श्री महावीर प्रसाद जैन (मुख्‍य सचेतक): आज आपको टी.वी. पर भी दिखाया जा रहा है। आपकी इस हरकत को आज टी.वी. पर भी दिखाया जा रहा है। ...(व्‍यवधान)... सब जगह टेलीकास्‍ट हो रहा है। ...(व्‍यवधान)... सोनिया गांधी के कैसे-कैसे चमचे हैं ...(व्‍यवधान)...

(प्रतिपक्ष के माननीय सदस्‍यों द्वारा सदन वैल में नारेबाजी)

श्री अध्‍यक्ष: श्री नाथूराम अहारी। श्री नाथूराम अहारी, आपने भी दस्‍तखत किये हैं, प्रस्‍ताव पेश करिये।

श्री महावीर प्रसाद जैन (मुख्‍य सचेतक): तो टी.वी. पर दिखाया जा रहा है, सारे हिन्‍दुस्‍तान में चमचों की कि सोनिया गांधी अपने चमचों की हरकतें देख लें ...(व्‍यवधान)... सोनिया गांधी देख रही है।

श्री अध्‍यक्ष: श्री रामनारायण मीणा। श्री रामनारायण मीणा, आपको भी अवसर दिया जाता है, आप प्रस्‍ताव पेश करें।

श्री अशोक बैरवा। श्री अशोक बैरवा, आपने भी हस्‍ताक्षर किये हैं, कृपया आप प्रस्‍ताव पेश करें।

श्री मांगीलाल गरासिया। श्री मांगीलाल गरासिया, क्‍या आप भी नहीं करना चाहते हैं?

(प्रतिपक्ष के माननीय सदस्‍यों द्वारा सदन वैल में नारेबाजी)

श्री राईया मीणा, कृपया आप प्रस्‍ताव पेश करें। क्‍या आप भी नहीं करना चाहते?

मैं दोबारा नाम पुकार रही हूं। श्री राईया मीणा।

श्री अमराराम (धोद)। श्री अमराराम (धोद), कृपया प्रस्‍ताव पेश करें। श्री अमराराम (धोद), आप सामने खड़े हैं, प्रस्‍ताव पेश करिये, प्रस्‍ताव पेश करें आप।

श्री सी.डी.देवल। श्री सी.डी.देवल, आप भी नहीं करना चाहते?

श्री रणवीर सिंह गुढ़ा, आप तो पेश कर दीजिए। श्री रणवीर सिंह गुढ़ा।

(प्रतिपक्ष के माननीय सदस्‍यों द्वारा सदन वैल में नारेबाजी)

श्रीमती ममता शर्मा, यह काम आप ही कर दीजिए। श्रीमती ममता शर्मा, आप कर दीजिए पेश।

श्री मोहम्‍मद माहिर आजाद। श्री मोहम्‍मद माहिर आजाद, आप भी नहीं करना चाहते?

श्री संयम लोढ़ा, आप तो कर दीजिए। श्री संयम लोढ़ा, आप तो पेश कर दें। ...(व्‍यवधान)...

श्री प्रद्युम्‍न सिंह। श्री प्रद्युम्‍न सिंह।

श्री महावीर प्रसाद जैन (मुख्‍य सचेतक): अध्‍यक्ष महोदय, श्रीमती सोनिया गांधी ने क्‍या कहा है, वह पढ़ कर सुना रहा हूं। ...(व्‍यवधान)...

श्री अध्‍यक्ष: डा.समरजीत सिंह। डा.समरजीत सिंह।

श्री प्रद्युम्‍न सिंह, आप पेश करिये। हंस क्‍यों रहे हैं? आप हंस किस बात पर रहे हैं, प्रस्‍ताव पेश करिये, आपने दस्‍तखत किये हैं। ...(व्‍यवधान)... प्रस्‍ताव पेश करिये।

डा.समरजीत सिंह।

श्री मंगलाराम गोदारा। श्री मंगलाराम गोदारा, आप भी पेश नहीं करना चाहते?

(प्रतिपक्ष के माननीय सदस्‍यों द्वारा सदन वैल में नारेबाजी)

श्री रामचन्‍द्र जारोड़ा। श्री रामचन्‍द्र जारोड़ा।

श्री हंगामीलाल मेवाड़ा। श्री हंगामीलाल मेवाड़ा।

डा.चन्‍द्रशेखर बैद, यह काम आप कर दीजिए। डा.चन्‍द्रशेखर बैद, यह काम आप कर दीजिए।

श्री महावीर प्रसाद जैन (मुख्‍य सचेतक): यह तो नोनवेज गालियों में परफैक्‍ट हैं बैदजी तो नोनवेज गालियों में परफैक्‍ट हैं। ...(व्‍यवधान)...

श्री अध्‍यक्ष: श्री भवरूं खान। श्री भवरूं खान। श्री भवरूं खान, आप करना चाहते हैं?

श्री महावीर प्रसाद जैन (मुख्‍य सचेतक): आपकी बड़ी चर्चा थी आज अख़बार में ...(व्‍यवधान)...

श्री अध्‍यक्ष: श्री बाबूलाल नागर। श्री बाबूलाल नागर, आप भी नहीं पेश करना चाहते? ...(व्‍यवधान)...

श्री महावीर प्रसाद जैन (मुख्‍य सचेतक): चन्‍दनमलजी बैद का नाम डूबो दिया आपने तो। चन्‍दनमलजी बैद का नाम डूबो दिया।

श्री अध्‍यक्ष: श्री महीपाल सिंह यादव। श्री महीपाल सिंह यादव, पेश करिये।

श्री महावीर प्रसाद जैन (मुख्‍य सचेतक): चन्‍दनमल बैदजी तो अपने जीवन में वेज के अलावा कुछ नहीं और जो बैदजी उनके सुपुत्र हैं,  जो ...(व्‍यवधान)... नोनेवज के अलावा कुछ नहीं। ...(व्‍यवधान)...

(प्रतिपक्ष के माननीय सदस्‍यों द्वारा सदन वैल में नारेबाजी)

श्री अध्‍यक्ष: श्री रिछपालसिंह मिर्धा। श्री रिछपालसिंह मिधा।

श्री लालचंद कटारिया। श्री लालचंद कटारिया।

श्री अर्जुन सिंह। श्री अर्जुन सिंह।

डा. श्रीगोपाल बाहेती। डा.श्रीगोपाल बाहेती।

श्री हरिमोहन शर्मा। श्री हरिमोहन शर्मा, आप भी पेश नहीं करना चाहते?

श्री कैलाश त्रिवेदी। श्री कैलाश त्रिवेदी, आपका नाम पुकार रही हूं।

चौधरी विनोद कुमार। चौधरी विनोद कुमार। ...(व्‍यवधान)...

श्री महावीर प्रसाद जैन (मुख्‍य सचेतक): अच्‍छी ट्रनिंग ले रहे हो।

 ...(व्‍यवधान)...

श्री अध्‍यक्ष: श्री महीपाल मदेरणा। श्री महीपाल मदेरणा।

श्री महावीर प्रसाद जैन (मुख्‍य सचेतक): गुढ़ाजी से ट्रेनिंग ले रहे हैं। इनके नेता गुढ़ा हैं आजकल...(व्‍यवधान)... उनसे ट्रेनिंग ले रहे हैं। अब सोनिया गांधी भी आदर्श नहीं हैं ...(व्‍यवधान)...

(प्रतिपक्ष के माननीय सदस्‍यों द्वारा सदन वैल में नारेबाजी)

श्री अध्‍यक्ष: श्री बनवारीलाल। श्री बनवारीलाल।

श्री खुशवरी सिंह जोजावर। श्री खुशवीर सिंह जोजावर।

श्री जुबेर खान। श्री जुबेर खान, आप तो सचेतक हैं। श्री जुबेर खान।

श्री वीरेन्‍द्र बेनीवाल। श्री वीरेन्‍द्र बेनीवाल।

श्री बृजकिशोर शर्मा। श्री बृजकिशोर शर्मा।

श्री महावीर प्रसाद जैन (मुख्‍य सचेतक): अच्‍छे पुत्र हैं नवल किशोरजी के। विरेन्‍द्र बेनीवालजी के पिता भी एम.पी.रहे हैं ...(व्‍यवधान)...

(प्रतिपक्ष के माननीय सदस्‍यों द्वारा सदन वैल में नारेबाजी)

श्री अध्‍यक्ष: चूंकि अध्‍यक्ष के खिलाफ अविश्‍वास का प्रस्‍ताव नहीं रख गया है इसलिए इस पर कोई चर्चा की आवश्‍यकता नहीं है और यह गिर गया। यह मूव नहीं हुआ है।

श्री महावीर प्रसाद जैन (मुख्‍य सचेतक): माननीय अध्‍यक्ष महोदय। माननीय अध्‍यक्ष महोदय।

श्री अध्‍यक्ष: नहीं, मैं एक बात कहूंगी।

यद्यपि प्रतिपक्ष के 40 सदस्‍यों ने अध्‍यक्ष के खिलाफ अविश्‍वास का प्रस्‍ताव पेश किया था लेकिन चूंकि सब का नाम पुकारने के बाद भी उस पर वो नहीं रखा गया ...(व्‍यवधान)... कायदा है कि 14 दिन के बाद और 21 दिन से पूर्व अविश्‍वास के प्रस्‍ताव पर चर्चा होती है लेकिन प्रतिपक्ष की इस मांग को स्‍वीकार करते हुए मैंने प्रश्‍नकाल को भी स्‍थगित कर के और इस पर चर्चा का अवसर दिया था लेकिन चूंकि

मुझे ऐसा प्रतीत होता है कि प्रतिपक्ष जो है न सुनना चाहता है न सदन चलने देना चाहता है, न सदन में अपनी कोई बात कहना चाहता है।

 

Ars/usc/1220/1j/24032006/1

 

लेकिन मुझे ऐसा प्रतीत होता है कि प्रतिपक्ष जो है न सुनना चाहता है, न सदन चलने देना चाहता है, न सदन में अपनी कोई बात कहना चाहता है। मुझे बड़ा अफसोस है माननीय प्रतिपक्ष के सदस्‍यों, सीधा टेलीकास्‍ट हो रहा है, आपके इस व्‍यवहार का सीधा टेलीकास्‍ट हो रहा है। यह तरीका नहीं है, यह राजस्‍थान की जनता के दो दो, ढ़ाई ढ़ाई लाख लोगों ने जन प्रतिनिधि के रूप में आपको भेजा है। आपके इस आचरण को आज पूरे राजस्‍थान के अन्‍दर सारे लोग टी.वी. के ऊपर इसको देखेंगे। इस सदन की शानदार परम्‍पराएं रही हैं। इस सदन में आज तक कभी भी पहले ऐसा नहीं हुआ है कि जिस तरह का आचरण आज प्रतिपक्ष कर रहा है, मुझे बड़ा अफसोस है इस बात का कि इतना करने के बाद कि मैंने जिस दिन यह पद ग्रहण किया था, मुख्‍यमंत्री जी ने भाषण देते हुए अपने भाषण में कहा था यह विक्रमादित्‍य का आसन है, इस आसन के ऊपर बैठकर के आप न्‍याय करेंगी। आप पक्ष और प्रतिपक्ष दोनों को समान समझेंगी। मैंने लगातार दो साल और दो महीने तक इस बात की कोशिश की कि मैं उतना ही प्रतिपक्ष को भी समय दूं, बोलने का अवसर दूं लेकिन मुझे बड़ा अफसोस है इस बात का कि प्रतिपक्ष ने उसके बावजूद भी ऐसा किया। मैं पुन: आपसे निवेदन करती हूं कि इस सदन के अन्‍दर कोई जाति नहीं है। जो कोई माननीय सदस्‍य जीत कर आते हैं वह सारी जातियों को रीप्रजेंट करते हैं। यहां न कोई जाट है, न कोई ब्राह्मण है, न कोई राजपूत है। यहां माननीय सदस्‍य समान जातियों का प्रतिनिधित्‍व करते हैं । जाति के आधार के ऊपर इस सदन के माननीय सदस्‍यों को नहीं बांटिए। इस सदन के अन्‍दर अमर्यादित आचरण जो कोई भी करेगा उसे सदन के अन्‍दर खेद प्रकट करना होगा, क्षमा मांगनी होगी। इस सदन को और हिन्‍दुस्‍तान के, भारत के और सदनों की तरह से न बनने दें। मैं आपसे पुन: अपील कर रही हूं, माननीय प्रतिपक्ष के सदस्‍यगण मैं आपसे पुन: अपील कर रही हूं कि आपका यह गैर जिम्‍मेदाराना जो इस तरह का आचरण है, यह इस सदन की परम्‍पराओं के, नियमों के,मर्यादा के, गरिमा के, आसन की प्रतिष्‍ठा के विरूद्ध है। मैं आपसे फिर निवेदन कर रही हूं कि आप अपने अपने स्‍थान पर जाएं। मुझे मजबूर न करें माननीय सदस्‍य। 

(प्रतिपक्ष के माननीय सदस्‍यों द्वारा सदन कूप में नारेबाजी।)

मैं आपसे पुन: निवेदन कर रही हूं। मैं आज एक एक सदस्‍य को नाम से पुकारूंगी। आप अपने अपने स्‍थान पर चले जाएं। माननीय सदस्‍य आप अपने अपने स्‍थान पर चले जाएं वरना मुझे आपको नाम से पुकारना पड़ेगा। मैं सबसे पहले नाम से पुकारती हूं सी.पी. जोशी को। श्री सी.पी. जोशी या तो अपने स्‍थान पर चले जाएं और या सदन छोड़कर चले जाएं। डाक्‍टर सी.पी. जोशी, मैं आपको फिर नाम से पुकार रही हूं । या तो आप अपना स्‍थान ग्रहण कर लें या सदन को छोड़कर चले जाएं, माननीय डाक्‍टर सी.पी.जोशी। माननीय सदस्‍य गण, मुझे एक एक को नाम से पुकारना पड़ेगा। बेहतर होगा कि आप अपना अपना स्‍थान ग्रहण करें और सदन की कार्यवाही को ठीक प्रकार से संचालित होने दें। मैं आपसे पुन: आग्रह कर रही हूं, आपके इस आचरण को सारे राजस्‍थान की नहीं, भारत की पूरी जनता देखेगी, क्‍या सोचेगी आपके बारे में। मैं आपसे पुन: निवेदन कर रही हूं। आपको एक एक को नाम से पुकारुंगी।

माननीय प्रतिपक्ष के सदस्‍यगण, आप लोग एक तरु तो बात कर रहे हैं आदिवासी क्षेत्र की, आदिवासी क्षेत्र के विधायक की और महिलाओं के बारे में आपने कैसे कैसे नारे लगाए हैं । इस तरह से महिलाओं कीप्रतिष्‍ठा का आपने कोई ध्‍यान नहीं रखा । आप किस तरीके से महिलाओं के बारे में बोल रहे हैं । मुख्‍यमंत्री के बारे में और महिलाओं के बारे में जिस तरह की चर्चा आपने की है वह निंदनीय है। यह सदन जो है इन गलत परम्‍पराओं को न डाले। मैं पुन: आपसे अपील कर रही हूं कि आप ऐसा नहीं करें माननीय सदस्‍य।

(प्रतिपक्ष के माननीय सदस्‍यों द्वारा सदन कूप में नारेबाजी)

नेता प्रतिपक्ष, मैंने सबके नाम पुकार लिए। मैं आपको पुन: निवेदन कर रही हूं यदि आप अपना जो आपने अध्‍यक्ष के प्रति अविश्‍वास का प्रस्‍ताव आपने पेश किया है, आप कृपया उसे मूव करें, आप उसे मूव करें । माननीय नेता प्रतिपक्ष, आप उसे मूव करना चाहते हैं ?

श्री महावीर प्रसाद जैन (मुख्‍य सचेतक): आप अपने वंश का नाम पूरा कर रहे हो। माननीय अध्‍यक्ष महोदय, श्रीमती सोनिया गांधी ने ... सोमनाथ जी बुला रहे हैं आपको, सोनिया गांधी कह रही हैं कि मेरे चमचों का नाश हो।

 

नियम 295 के तहत प्राप्‍त विशेष उल्‍लेख प्रस्‍ताव

 

श्री अध्‍यक्ष: श्री नवरतन राजौरिया, कृपया 295 पढ़ें (अनुपस्थित)

        डा. जालम सिंह रावलोत, कृपया 295 पढ़ें।

चिकित्‍सकों के रिक्‍त पदों को भरने के संबंध में

डा. जालम सिंह रावलोत (शिव): माननीय अध्‍यक्ष महोदय, प्रक्रिया एवं कार्य संचालन के नियम 295 के अन्‍तर्गत बाड़मेर एवं जैसलमेर जिलों में चिकित्‍सकों के रिक्‍त पदों को भरने के सम्‍बन्‍ध में निवेदन है कि बाड़मेर एवं जैसलमेर जिले प्रदेश के सर्वाधिक पिछड़े जिलों में आते हैं। लगातार पड़ने वाले अकालों के कारण गरीब जनता की आर्थिक स्थिति और कमजोर हो गई है। प्रदेश में अधिकांश वर्षो तक कांग्रेस पार्टी का शासन रहा है और कांग्रेस की सरकारों ने बाड़मेर व जैसलमेर जिलों में चिकित्‍सा सेवाओं के विस्‍तार पर बहुत कम ध्‍यान दिया है। मैं वर्तमान सरकार का इस बात के लिए आभार व्‍यक्‍त करता हूं कि सरकार ने केवल बाड़मेर और जैसलमेर जिलों की जनता के लिए 570 ए एन एम की नियुक्ति का विशेष पैकेज देकर ग्रामीण जनता को राहत प्रदान की है। जबकि पिछली सरकार ने पिछले पूरे कार्यकाल में पूरे प्रदेश में एक भी ए एन एम की नियुक्ति शायद ही की हो। लेकिन बाड़मेर व जैसलमेर जिलों के प्राथमिक तथा सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्रों पर 60-70 प्रतिशत पद रिक्‍त हैं तथा काफी पीएच सी बिना डाक्‍टर के चल रही हैं। बाड़मेर के जिला अस्‍पताल में चिकित्‍सकों के कुल बीस पद जैसलमेर जिला अस्‍पताल में चिकित्‍सकों के छह पद बाड़मेर के ग्रामीण क्षेत्र में 49 पद तथा जैसलमेर के ग्रामीण क्षेत्र में 27 पर रिक्‍त हैं। अंत में मैं सरकार से निवेदन करना चाहता हूं कि जिस तरीके से ए एन एम की नियुक्ति इन दोनों जिलों में विशेष पैकेज के रूप में दी तथा उसी तरीके से चिकित्‍सकों के रिक्‍त पदों को भरा जाय तथा बजट में प्रस्‍तावित पी एच सी एवं सी एच सी को विधान सभा क्षेत्र शिव में विशेष रूप से खोलने की स्‍वीकृति प्रदान कर पिछड़ी व गरीब जनता को लाभान्वित करें। 

 

Vns/usc/1230/1k/24.3.2006

 

(प्रतिपक्ष के माननीय सदस्‍यों द्वारा सदन कूप में भारी नारेबाजी)

 

श्री अध्‍यक्ष: सारा भारत देख रहा है। आप पोपाबाई-पोपाबाई करते हो, शर्म नहीं आती आप लोगों को। आपको सारा भारत देख रहा है। राजस्‍थान के प्रतिपक्ष के लोग कैसा व्‍यवहार कर रहे हैं, क्‍या आचरण कर रहे हैं सदन में सारा भारत देखेगा आज। सारा भारत देख रहा है राजस्‍थान का प्रतिपक्ष क्‍या कर रहा है...(व्‍यवधान)

श्री महावीर प्रसाद जैन (मुख्‍य सचेतक): सारा भारत देख रहा है। नवल किशोर जी देख रहे हैं मेरा बृजकिशोर कैसा है। नवल किशोर जी देख रहे हैं कि मेरा बृजकिशोर कैसा है।

श्री अध्‍यक्ष: श्री बीरू सिंह राठौड़।

विधान सभा क्षेत्र बनीपार्क में विभिन्‍न क्षेत्रों में पेयजल समस्या

प्रो. बीरूसिंह राठौड़ (बनीपार्क): विधान सभा क्षेत्र बनीपार्क में विभिन्‍न क्षेत्रों में पेयजल समस्या के निदान हेतु नियम 295 के तहत उल्‍लेख प्रस्‍ताव की सूचना।

महोदय, राजस्‍थान विधान सभा के प्रक्रिया एवं कार्य संचालन के नियम 295 के तहत विशेष उल्‍लेख प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत कर निवेदन है कि मेरे विधान सभा क्षेत्र बनीपार्क में विभिन्‍न आवासीय कालोनी जैसे- महेशनगर क्षेत्र, गायत्री नगर, महावीर नगर, शांति नगर, सूर्य नगर, कल्‍याण नगर, दुर्गापुरा क्षेत्र, झोटवाड़ा क्षेत्र, विद्युत नगर, निर्माण नगर, सी-स्‍कीम क्षेत्रों में पेयजल समस्‍या से आम नागरिक परेशान हैं। नलकूप का पेयजल स्‍तर नहीं के बराबर रहा है। आरयूआईडीपी पाईप लाइन चालू नहीं कर रहा है। आगामी गर्मी को मदृदेनजर रखते हुए पानी की समस्‍या का निदान करना अत्‍यन्‍त आवश्यक है अन्‍यथा आम नागरिक आक्रोश से सड़क पर आ सकता है।

पृथ्‍वीराज नगर क्षेत्र में पेयजल समस्‍या हेतु अस्‍थायी कनेक्‍शन हेतु जविप्रा द्वारा माननीय उच्‍च न्‍यायालय द्वारा स्‍थगन आदेश नहीं होने के बावजूद पाबन्‍दी लगा रखी है। इस बाबत विभाग द्वारा उक्‍त क्षेत्र के आम नागरिकों के लिये पेयजल की कोई व्‍यवस्‍था नहीं करी है, ना ही कोई पाबन्‍दी हटाने बाबत कोई प्रयास किया है। मात्र हैण्‍डपम्‍प उपलब्‍ध कराने से लगभग तीन-चार लाख लोगों की समस्‍या हल नहीं हो पाती है। उक्‍त क्षेत्र में पेयजल लाइन/नलकूप लगाने बाबत विभाग को आवश्‍यक उपाय तथा जविप्रा से अनुमति प्राप्‍त करनी चाहिये। यदि आवश्‍यकता हो तो माननीय उच्‍च न्‍यायालय से भी अनुमति प्राप्‍त की जा सकती है उक्‍त क्षेत्रों में निजी नलकूप से मुंह-मांगे दामों से पेयजल आम आदमी प्राप्‍त कर रहा है। यदि उक्‍त क्षेत्रों में नलकूप भी उपलब्‍ध करा दिये जाये तो वर्तमान में चल रही पाइप लाइन की निजी योजना सहभागिता के तहत प्रारम्‍भ करायी जा सकती है।

अत: विशेष उल्‍लेख प्रस्‍ताव के जरिए पुन: निवेदन है कि उक्‍त क्षेत्र में पेयजल की समस्‍या के निदान हेतु आवश्‍यक कार्यवाही कराने का कष्‍ट कराएं। ... (व्‍यवधान)

श्री महावीर प्रसाद जैन (मुख्‍य सचेतक):  कांग्रेस पाटी ने जिस व्‍यक्ति को नेता बनाया है उसका स्‍थान ... (व्‍यवधान) आप जिन्‍दा को रो रहे हो, +++ ? सोनिया गांधी ... (व्‍यवधान)

श्री अध्‍यक्ष: श्री रणवीर सिंह भीण्‍डर।

महाराणा प्रताप हवाई अड्डा, उदयपुर में अवाप्‍त भूमि का मुआवजा बाजार भाव से किये जाने विषयक

श्री रणधीर सिंह भीण्‍डर (वल्‍लभनगर): माननीय अध्‍यक्ष महोदय, राजस्‍थान विधान सभा के प्रक्रिया एवं कार्य संचालन संबंधी नियम 295 के तहत सदन का ध्‍यान आकर्षित करना चाहता हूं।

महोदय, महाराणा प्रताप हवाई अड्डा उदयपुर जो कि मेरे विधान सभा क्षेत्र में स्थित है, के विस्‍तार का कार्यक्रम पिछले वर्ष से चल रहा है। इसके विस्‍तार के लिए पिछले वर्ष वल्‍लभनगर व मावली क्षेत्र के किसानों की 240 बीघा भूमि अवाप्‍त हो गयी थी। उस समय भूमि का बाजार भाव दो से ढ़ाई लाख रुपया बीघा था। परन्‍तु किसानों को अधिकतम 60 हजार रुपये बीघा व कुछ को तो 35 हजार रुपये बीघा का मुआवजा दिया गया। किसान इससे उद्वेलित हो गये थे और अपनी जमीन नहीं देने के लिए आन्‍दोलन करने को तत्‍पर हो गये थे। परन्‍तु जन-प्रतिनिधियों व अधिकारियों ने उनको समझाया कि हवाई अड्डे के विस्‍तार से उनको बहुत लाभ होगा व हवाई अड्डा अन्‍तरराष्‍ट्रीय हो जाएगा तो इससे पूरे सम्‍भाग को फायदा होगा। इससे किसानों को लगा कि अपनी भूमि देकर एक तरह से वे भी विकास में योगदान ही दे रहे हैं तो उन्‍होंने सहर्ष अपनी जमीन विस्‍तार हेतु दे दी व जो भी मुआवजा दिया गया उन्‍होंने ले लिया।

परन्‍तु अब फिर 100 एकड़ जमीन अवाप्‍त होने की कार्यवाही शुरू हो गयी है और अगर फिर मुआवजा राशि कम दी गयी तो वहां के किसान बरबाद हो जाएंगे। पास के गांव टूस डांगियान तो कोई भूमि ही इस विस्‍तार के बाद हाई-वे की तरफ नहीं बचेगी, ऐसे में किसान बेघर हो जाएंगे। आज वहां का बाजार भाव तीन से पाँच लाख रुपये बीघा है।

मेरा सरकार से अनुरोध है कि अवाप्‍त की जाने वाली भूमि का मुआवजा बाजार भाव से किया जाए व उन किसानों को उसी क्षेत्र में जमीन दिलाने में मदद कराये।

श्री अध्‍यक्ष: श्री केसरदेव बाबर। ... (व्‍यवधान)

(प्रतिपक्ष के माननीय सदस्‍यों द्वारा सदन कूप में भारी नारेबाजी)

बड़ी तरह की बोलियां निकालना जानते हैं आप लोग तो।

श्री महावीर प्रसाद जैन (मुख्‍य सचेतक): इन्‍होंने कहा यह पोपा-बाई शब्‍द कहा है। अध्‍यक्षजी से निवेदन करना चाहता हूं कि यह जो नारे लगाते हैं इनको बाहर निकलवाओ। यह अपने +++ रो रहे हैं। मुझे कोई एतराज नहीं हैं परन्‍तु यह महिलाओं के प्रति जिस प्रकार का व्‍यवहार कर रहे हैं, मैं समझता हूं कि यह किसी प्रकार भी उचित नहीं है। ... (व्‍यवधान) मेरे लिए तो कुछ भी कहो, आप अपने  जिन्‍दा ... (व्‍यवधान) आपको कैसे भी शांति मिले, मैं भी चाहता हूं। आप रोओ, घर में तो आपको मौका मिलेगा नहीं। ... (व्‍यवधान) सारी दुनिया आपको देख रही है। मेरे लिए कुछ भी कहो लेकिन माननीय अध्‍यक्ष महोदय, महिलाओं के लिए कुछ कहा जाता है तो मैं समझता हूं कि यह असंसदीय है, खास कर महिलाओं के लिए बहुत गलत बात है, यह प्रतिपक्ष के माननीय सदस्‍यों को ... (व्‍यवधान)

श्री अध्‍यक्ष: अपनी शिष्‍टता और सभ्‍यता का प्रदर्शन कर रहे हैं यह। वह कितने शिष्‍ट हैं, कितने सभ्‍य हैं इसका प्रदर्शन कर रहे हैं।

सीकर जिले की लक्ष्‍मणगढ़ तहसील में काश्‍तकारों को नामान्‍तरण में हो रहीं परेशानी

श्री केसरदेव बाबर (लक्ष्‍मणगढ़): माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मैं विशेष उल्‍लेख के जरिए निवेदन करना चाहता हूं।

राज्‍य सरकार एवं माननीय राजस्‍व मंत्रीजी का ध्‍यान आकर्षित करते हुए निवेदन करना चाहता हूं कि सीकर जिले की लक्ष्‍मणगढ़ तहसील में सैकड़ों की संख्‍या में नामान्‍तरण के प्रकरण काफी समय से लम्बित हैं जिसके कारण गरीब काश्‍तकारों को बेवजह तहसील कार्यालय, पटवारी, गिरदावर आदि के चक्‍कर लगाने को मजबूर होना पड़ता है और वैसे ही मौसम की मार से परेशान, हताश काश्‍तकार वर्ग के समय,श्रम एवं धन की हानि हो रही है।

राज्‍य सरकार की इस बाबत् क्‍या नीति है यह तो स्‍पष्‍ट नहीं है परन्‍तु यह सत्‍य है कि नामान्‍तरण हेतु आवेदन पत्र प्राप्ति के छह-छह माह और कभी-कभी तो साल-दो साल गुजर जाने के बाद भी उनके आवेदन पत्र पटवारी अथवा गिरदावर स्‍तर पर या तहसील कार्यालय में ही लम्बित पड़े रहते हैं और इससे जानबूझकर भ्रष्‍टाचार को बढ़ावा मिलता है।

अत:मैं मेरे इस विशेष उल्‍लेख प्रस्‍ताव के जरिए माननीय राजस्‍व मंत्रीजी एवं राज्‍य सरकार से निवेदन करता हूं कि तहसील लक्ष्‍मणगढ़ जिला सीकर में बकाया नामान्‍तरण के प्रकरणों का अतिशीघ्र निस्‍तारण कर काश्‍तकारों को राहत प्रदान करने का कष्‍ट करें एवं साथ ही जिस किसी स्‍तर पर यह प्रकरण लम्बित रहे हैं, उन कर्मचारियों/ अधिकारियों के विरुद्ध जांच कर दोषियों को सज़ा दिलाने का कष्‍ट करें। धन्‍यवाद, जय हिन्‍द। ... (व्‍यवधान)

श्री अध्‍यक्ष: माननीय सदस्‍यगण, बहुत देर हो गयी है, अब मुझे मजबूर कर दिया आपने। अब मैं एक-एक को नाम से पुकारूंगी और आप अपने-अपने स्‍थान पर जाकर या तो बैठ जाएं और नहीं तो आप सब सदन से बाहर चले जाएं । ... (व्‍यवधान) ओह-ओह करने से काम नहीं चलने वाला है। ओह-ओह ... (व्‍यवधान) मैं एक-एक को नाम से पुकारूंगी ... (व्‍यवधान)

 

ssy/usc/1240/1l

 

श्री अध्‍यक्ष: आप सब सदन से बाहर चले जायें...(व्‍यवधान) हो, हो करने से काम नहीं चलने वाला है। लगायी है हो, हो । मैं एक-एक को नाम से पुकारूंगी (व्‍यवधान)

श्री घनश्‍याम तिवाड़ी (शिक्षा मंत्री): अध्‍यक्ष महोदय जिस प्रकार की अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे हैं, सारे राजस्‍थान की ही नहीं हिन्‍दुस्‍तान की मातृ शक्ति का अपमान कर रहे हैं । अध्‍यक्ष महोदय, बहुत गलत बात है इस सदन में । यह क्‍या बात हुई...(व्‍यवधान) गालीबाजी का प्रयोग कर रहे हैं ।

(प्रतिपक्ष के माननीय सदस्‍यों द्वारा सदन कूप में नारेबाजी)

श्री अध्‍यक्ष: लोग जो चिल्‍ला रहे हैं हैं, नारे लगा रहे हैं और हो-हो कर रहे हैं, क्‍या मैं एक-एक का नाम पुकारूं । मैं देख रही हूं कि चुपचाप कौन खड़ा है और चिल्‍ला कौन रहा है। यह भी मैं देख रही हूं सबको...(व्‍यवधान) क्‍या तानाशाही है, क्‍या तानाशाही है, क्‍या बकवास है...(व्‍यवधान)

श्री महावीर प्रसाद जैन (मुख्‍य सचेतक): अध्‍यक्ष महोदय, मुझे अभी-अभी खबर लगी है कि महामहिम राज्‍यपाल महोदय गुजरात के अपने बेटे का और श्रीमान् बैद जी अपने बेटे का व्‍यवहार देखकर के बहुत दु:खी हैं और उनका बी.पी. बढ़ गया है। मैं उनको सूचित करना चाहता हूं...(व्‍यवधान) वह यह कह रहे हैं कि हम जिंदा हैं हमको क्‍यों रो रहे हों...(व्‍यवधान)

(प्रतिपक्ष के माननीय सदस्‍यों द्वारा सदन कूप में नारेबाजी)

श्री अध्‍यक्ष: श्री पुष्‍पेन्‍द्र सिंह...(व्‍यवधान) सरकारी मुख्‍य सचेतक की बात नहीं सुनी क्‍या ?

श्री महावीर प्रसाद जैन (मुख्‍य सचेतक): आपने राजस्‍थान में महिलाओं का अपमान किया है। पोपाबाई का राज कहा है...(व्‍यवधान)

(प्रतिपक्ष के माननीय सदस्‍यों द्वारा सदन कूप में नारेबाजी)

श्री अध्‍यक्ष: श्री पुष्‍पेन्‍द्र सिंह ।

फालना में पोलोटैक्निक कॉलेज खुलवाने विषयक

 

श्री पुष्‍पेन्‍द्र सिंह (बाली): अध्‍यक्ष महोदय, मैं राजस्‍थान विधान सभा के प्रक्रिया एवं संचालन के नियमों के नियम 295 के तहत विशेष उल्‍लेख प्रस्‍ताव बाबत् फालना में पोलोटैक्निक कॉलेज खुलवाने हेतु प्रस्‍तुत कर निवेदन है कि विधान सभा क्षेत्र बाली का नगर पालिका मुख्‍यालय 'फालना' औद्योगिक दृष्टि से पाली जिले में ही नहीं अपितु कुछ महत्‍वपूर्ण औद्योगिक इकाइयों के सफल संचालन से राज्‍य, देश के अन्‍य भागों में भी पहचान बना चुका है।

(प्रतिपक्ष के माननीय सदस्‍यों द्वारा सदन कूप में नारेबाजी)

श्री अध्‍यक्ष: क्‍या बात करते हो...(व्‍यवधान) माननीय सदस्‍य अशोक बैरवा, माननीय सदस्‍य अशोक बैरवा आप कृपया सदन से बाहर चले जायें । क्‍या कर रहे  हैं ...(व्‍यवधान)

श्री पुष्‍पेन्‍द्र सिंह (बाली): यहां सैकड़ों औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं । यहां पहुंचने के लिए बस एवं रेल यातायात की सुगम व्‍यवस्‍था है। यहां पोलोटेक्निक कॉलेज के अभाव से बाली, देसुरी, शिवगंज, सुमेरपुर के साथ फालना की सौ किलोमीटर परिधि में निवास करने वाले छात्रों को पोलोटेक्निक कॉलेज के अभाव में तकनीकी शिक्षा से वंचित रहना पड़ रहा है। परिणाम स्‍वरूप यहां बेरोजगारी बढ़ रही है। यहां का योग्‍य युवा वर्ग तकनीकी शिक्षा से वंचित रहकर यहां की औद्योगिक इकाइयों तथा देश की भिन्‍न-भिन्‍न सरकारी, गैर सरकारी संस्‍थानों में नहीं पहुंच पा रहा है। अत: परिस्थितियों पर गौर फरमाकर फालना मुख्‍यालय पर एक नवीन पोलोटैक्निक कॉलेज खुलवाने की कृपा करावें ।

(प्रतिपक्ष के माननीय सदस्‍यों द्वारा सदन कूप में नारेबाजी)

श्री अध्‍यक्ष: श्री सुरेश मीणा।

(बोलने के लिए खड़े नहीं हुए)

श्री केसरदेव बाबर, पर्ची पर बोलिये ।

श्री केसरदेव बाबर (लक्ष्‍मणगढ़): पर्ची पर । आदरणीय अध्‍यक्ष महोदय मेरा ऊर्जा मंत्रि जी से निवेदन है कि जो ग्रामीण क्षेत्र की जनता जो ढाणियों में रहती है वह बिजली के कनेक्‍शन लेना चाहती है परन्‍तु जो निगम के नियम हैं उनसे वह ढाणियों में कनेक्‍शन नहीं ले सकती है। सौ रूपये प्रति मीटर के हिसाब से उससे चार्ज वसूल किया जा रहा है...(व्‍यवधान)

श्री अध्‍यक्ष: क्‍या कह रहे हो आप...(व्‍यवधान)

श्री केसरदेव बाबर (लक्ष्‍मणगढ़): जबकि गांव में 2100 रूपये लेकर के 300-350 मीटर तक के उनको कनेक्‍शन देती है ।

श्री अध्‍यक्ष: क्‍या कह रहे हो...(व्‍यवधान) माननीय सदस्‍य गण, यह गलत है।

(प्रतिपक्ष के माननीय सदस्‍यों द्वारा सदन कूप में नारेबाजी)

(सत्‍ता पक्ष के माननीय सदस्‍यों द्वारा अपनी सीट पर खड़े होकर के नारेबाजी)

श्री अध्‍यक्ष: सदन की कार्यवाही 01 बजकर 30 मिनट तक के लिए स्‍थगित की जाती है ।

(तदनन्‍तर सदन की बैठक 12.45 बजे 13.30 तक के लिए स्‍थगित हुई ।)

 


jyg//2436/1330/1q

 

(13.30 बजे)

(पुन: समवेत होने पर)

(श्रीमती सुमित्रा सिंह, अध्‍यक्ष, पदासीन)

 

(प्रतिपक्ष के माननीय सदस्‍यों द्वारा सदन कूप में नारेबाजी)

 

पर्ची के माध्‍यम से उठाये गये मुद्दे

श्री अध्‍यक्ष: माननीय सदस्‍यगण। पर्ची पर श्री मदन राठौड़ बोलेंगे।

श्री मदन राठौड़ (सुमेरपुर): माननीय अध्‍यक्ष महोदय, हमको राजस्‍थान की जनता ने यहां पर इसलिए भेजा है कि हम जनहित की बात यहां पर रखें, अपने क्षेत्र की समस्‍याओं का समाधान करवाने के लिए राजस्‍थान की विधान सभा में आकर सारगर्भित चर्चा करें क्‍योंकि हमारे क्षेत्र की जनता ने हमको यहां पर भेजा है। लेकिन यहां पर हम अपनी चर्चा नहीं कर पाते। यह विपक्ष बिलकुल गैर जवाबदार है, यह गैर जवाबदारी से ऐसे कृत्‍य कर रहे हैं। लगातार तीन दिन से सदन को ठप करवा रहे हैं, यह बिलकुल शर्मनाक बात है। जब हम जानते हैं कि यह पूरा टेलीकास्‍ट हो रहा है और टेलीकास्‍ट जब हो रहा है ...(व्‍यवधान)... इनके क्षेत्र की जनता भी जिन्‍दगी भर अफसोस करेगी कि हमने कैसे घटिया लोगों को चुनकर भेज दिया। ...(व्‍यवधान)...

श्री अध्‍यक्ष: माननीय सदस्‍यगण। आप आसन को मजबूर न करें। आप आसन को मजबूर कर रहे हैं, मैं आपसे निवेदन कर रही हूं कि आप या तो अपने स्‍थान पर जाएं या सदन को छोड़कर चले जाएं। माननीय सदस्‍यगण, जो वैल में खड़े हुए हैं, मैं उन सबसे निवेदन कर रही हूं कि या तो वे अपने-अपने स्‍थान पर चले जाएं या फिर सदन छोड़कर चले जाएं। आप मुझे मजबूर कर रहे हैं। आप मुझे अधिक मजबूर न करें। माननीय सदस्‍यगण।

श्री मदन राठौड़ (सुमेरपुर): माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मैं आपके माध्‍यम से निवेदन करना चाहता हूं कि इन कांग्रेस के विधायकों ने इस सदन का दुरुपयोग किया है और यहां पर जब ये धरने पर बैठे और फर्जी धरना दिया। यहां पर रात को अश्‍लील चुटकले सुनाए, घटिया तरीके से चुटकले सुनाए और इनको इतनी भी शर्म नहीं आई कि सदन का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए और यहां पर वैल में सोकर रात को घटिया स्‍तर के चुटकले सुनाए, यह बहुत शर्मनाक कृत्‍य इन्‍होंने किया है। आज अखबारों में पढ़कर हमें भी शर्मिन्‍दगी हुई कि ऐसे भी कोई माननीय सदस्‍य होते हैं।

माननीय अध्‍यक्ष महोदय, यह साफ सुथरा दिखने वाला, यह तारानगर से आने वाला विधायक, हमको ऐसा लगता था कि अच्‍छा विधायक होगा लेकिन अखबारों में जब हमने यह पढ़ा कि उसने अश्‍लील चुटकले यहां पर सदन के अन्‍दर सुनाए। माननीय अध्‍यक्ष महोदय, बहुत शर्मनाक स्थिति है। यह कभी भी बर्दाश्‍त करने लायक नहीं है। यह लोकतंत्र का दुरुपयोग है, लोकतंत्र की हत्‍या करने का षड्यंत्र किया है। इनको जनता किसी भी कीमत पर माफ नहीं करेगी। माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मैं फिर कहना चाहूंगा कि जिस क्षेत्र की जनता ने इनको भेजा है, वह जनता भी आज शर्मिन्‍दगी महसूस करती होगी कि हमने कैसे घटिया लोगों को चुनकर भेजा है।

        माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मैं एक और निवेदन करना चाहूंगा कि इनकी नेता ने भी लोक सभा से इस्‍तीफा दिया और वह भी एक मजाक किया और जब यह मालूम था उनको कि निर्वाचन विभाग निश्चित रूप से उनको बर्खास्‍त करेगा जिस कारण से जया बच्‍चन को हटाया गया था वही कारण सोनिया गांधी के लिए भी मौजूद था, उसी तरह से निश्चित रूप से निर्वाचन विभाग उसको हटाता और बेआबरू होकर उसको सदन से निकलना पड़ता, इसी कारण से उसने त्‍यागपत्र दिया और त्‍याग का झूठा ढोंग रचा। यदि त्‍याग की भावना होती तो फिर से चुनाव लड़ने को नहीं कहते और फिर से चुनाव लड़ने की बात कहकर इस त्‍याग की भी पोल खोल दी है। यह भी एक घटिया कृत्‍य है। जनता को इन्‍होंने बहुत भार दिया है। 

        माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मैं आपके माध्‍यम से निवेदन करना चाहता हूं कि देश की जनता इनको कभी माफ करने वाली नहीं है। इन्‍होंने जनतंत्र का मजाक बनाया है। जब यहां पर विकास की बात होती है, अपनी मांगों के बारे में चर्चा करते हैं, हम सरकार से अपनी मांग मनवाने की बात करते हैं, उस समय ये हंगामा खड़ा करते हैं।

माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मैं आपके माध्‍यम से निवेदन करना चाहता हूं कि राजस्‍थान की भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने बहुत विकास के काम किए हैं, इतने विकास के काम किए हैं कि जनता आज धन्‍यवाद दे रही है। ...(व्‍यवधान)... 

श्री महावीर प्रसाद जैन (मुख्‍य सचेतक): एक गरीब महिला की जमीन दबा ली, कब्‍जा कर लिया। ...(व्‍यवधान)... माननीय अध्‍यक्ष महोदय, चन्‍दनमलजी बैद यह सारा टी वी पर देख रहे हैं तथा उन्‍होंने मुझे सूचित किया है कि मेरे लाडले बेटे को समझाओ, मैं उससे परेशान हूं। ...(व्‍यवधान)...

श्री मदन राठौड़ (सुमेरपुर): और शुद्ध मन से धन्‍यवाद दे रही है। विपक्ष के पास इस प्रकार की आलोचना करने के लिए कोई शब्‍द नहीं है। उनके पास कुछ भी नहीं है, उनके पास सरकार के खिलाफ कोई शब्‍द नहीं है, कुछ भी सुनाने की स्थिति में नहीं है।

        माननीय अध्‍यक्ष महोदय, राजस्‍थान में सड़कों का जाल बिछाया है और विकास के काम हुए हैं। चिकित्‍सा के मामले में बहुत काम हुए हैं। कई स्‍थानों पर ट्रोमा यूनिट स्‍थापित की गई है, कई स्‍थानों पर ऐसे-ऐसे उपकरण दिए हैं जो कांग्रेस की सरकार ...(व्‍यवधान)... ।

श्री महावीर प्रसाद जैन (मुख्‍य सचेतक): उन्‍होंने एक संदेश मेरे पास भेजा है कि मेरा बेटा इस कार्यवाही से दूर रहे। मैं निवेदन करना चाहता हूं उनके मित्र होने के नाते, उनके पिताजी ने संदेश भेजा है कि मैं जिन्‍दा हूं, मुझे क्‍यों रो रहे हो? उन्‍होंने मुझे संदेश भेजा है, मैं तो केवल इतना ही संदेश देना चाहता हूं।

श्री मदन राठौड़ (सुमेरपुर): माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मैं आपके माध्‍यम से निवेदन करना चाहता हूं कि राजस्‍थान में भारतीय जनता पार्टी के सरकार ने बहुत विकास के काम किए हैं। यही नहीं उद्योग विभाग भी हमारे यहां पर खूब विकास के काम करा रहा है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने हमारे जो अप्रवासी राजस्‍थानी बन्‍धु हैं उनको राजस्‍थान में उद्योग लगाने के लिए आमंत्रित किया, एकल खिड़की योजना दी, यह एक ऐसी योजना है।

श्री अध्‍यक्ष: माननीय सदस्‍य, डा. सी. पी. जोशी, माननीय सदस्‍य, डा. सी. पी. जोशी, आप मुझे मजबूर कर रहे हैं। आप सदन से बाहर चले जाएं, आप कृपया सदन से बाहर चले जाएं। मैं आपको नाम से पुकार रही हूं, आप कृपया सदन से चले जाएं। माननीय सी पी जोशी, आप कृपया सदन से चले जाएं, आप मुझे मजबूर कर रहे हैं। ...(व्‍यवधान)... क्‍या बात कर रहे हैं आप इस तरह से?

(प्रतिपक्ष के माननीय सदस्‍यों द्वारा सदन कूप में और

सत्‍ता पक्ष के कई माननीय सदस्‍यों द्वारा अपनी सीटों से नारेबाजी)

(व्‍यवधान)

       


24.3.06/1340/gpc/akt/2a

 

 

सदस्‍यों का निलम्‍बन

अशोक बैरवा, डा. सी.पी.जोशी, संयम लोढ़ा, सी.डी.देवल,

रणवीर सिंह गुढ़ा व महीपाल यादव सर्वश्री का सत्र की शेष अवधि के लिए

 

श्री महावीर प्रसाद जैन (मुख्‍य सचेतक): माननीय अध्‍यक्ष महोदय,  मैं प्रक्रिया के नियम 292 के अंतर्गत प्रस्‍ताव पेश करता हूं। आज दिनांक 24 मार्च, 2006 को सदन की कार्यवाही प्रारंभ होते ही माननीय अध्‍यक्ष महोदय द्वारा प्रश्‍नकाल स्‍थगित कर, अध्‍यक्ष के विरुद्ध अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर विचार के लिए व्‍यवस्‍था दी, किन्‍तु प्रतिपक्ष के माननीय सदस्‍यों ने प्रारम्‍भ से ही सुनियोजित तरीके से सदन में निरन्‍तर व्‍यवधान उत्‍पन्‍न किया और बार-बार पुकारे जाने पर भी उक्‍त अविश्‍वास प्रस्‍ताव विचारार्थ नहीं रखा तथा शोरगुल और नारेबाजी कर सदन की कार्यवाही बाधित की जिसके फलस्‍वरूप सदन की कार्यवाही एक घंटे के लिए स्‍थगित की गई। सदन की कार्यवाही पुन: प्रारम्‍भ होने पर आसन द्वारा बार-बार नाम पुकारा तथा अपने नियत स्‍थान पर बैठने तथा कार्यवाही में बाधा न डालने अन्‍यथा सदन से बाहर जाने हेतु निर्देश दिये, किन्‍तु श्री अशोक बैरवा, डा. सी. पी. जोशी, श्री संयम लोढ़ा, श्री सी.डी. देवल, श्री रणवीर सिंह गुढ़ा तथा श्री महीपाल यादव ने आसन के निर्देशों की आदतन तथा इरादतन निरन्‍तर अवहेलना की और शोर-शराबा करते रहे एवं महिलाओं, जैसे सदन की नेता एवं अध्‍यक्ष के विरुद्ध नारे, अभद्र तथा असंसदीय टिप्‍पणियां करते रहे जिसके फलस्‍वरूप सदन की बैठक पुन: आधे घण्‍टे के लिए स्‍थगित करनी पड़ी, जो कि आसन तथा सदन के विशेषाधिकार हनन की संज्ञा में आता है और अमर्यादित, अशिष्‍ट एवं नियमों तथा संसदीय प्रक्रियाओं का खुला उल्‍लंघन करने वाला रहा है।     संसदीय परम्‍पराओं तथा मर्यादाओं की रक्षा के लिए माननीय सदस्‍यों श्री अशोक बैरवा, डा. सी. पी. जोशी, श्री संयम लोढ़ा, श्री सी.डी. देवल, श्री रणवीर सिंह गुढ़ा तथा श्री महीपाल यादव को प्रक्रिया के नियम 292 के तहत उक्‍त आचरण हेतु सत्र की शेष अवधि के लिए सदन से निलम्बित किया जाय।

श्री अध्‍यक्ष: प्रश्‍न यह है कि मुख्‍य सचेतक ने सदस्‍यों के निलम्‍बन का जो प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत किया है उसे स्‍वीकार किया जाए?

(स्‍वीकृत)

इन सदस्‍यों को सत्र की शेष अवधि तक के लिए निलम्बित किया जाता है।

सदन की मेज पर रखे जाने वाले पत्रादि।

सदन की मेज पर रखे गये पत्र

राजस्‍थान जल विकास निगम लि. का प्रतिवेदन वर्ष 2004-05

श्री सांवर लाल (सिंचाई मंत्री): अध्‍यक्ष महोदय, मैं आपकी अनुमति से कम्‍पनी के आर्टिकल आफ एसोसिएशन की धारा 114 के अंतर्गत राजस्‍थान जल विकास निगम लिमिटेड का 21वां वार्षिक प्रतिवेदन वर्ष 2004-2005 सदन की मेज पर रखता हूं।

समिति का प्रतिवेदन

प्राक्‍कलन समिति (सं. 6 व 7)

श्री अध्‍यक्ष: डा. एन. एस. गुर्जर।

डा. एन. एस. गुर्जर (टोडारायसिंह): अध्‍यक्ष महोदय, मैं आपकी अनुमति से कार्य सूची में किये गये उल्‍लेख के अनुसार प्राक्‍कलन समिति ‘’’’ 2005-2006 समिति के निम्‍नांकित प्रतिवेदनों का उपस्‍थापन करता हूं:-

(1) श्रम विभाग के कार्यकलापों एवं गतिविधियों पर आधारित समिति का छठा प्रतिवेदन।

(2) राजस्‍व विभाग एवं राजस्‍व मण्‍डल के क्रियाकलापों एवं गतिविधियों से संबंधित प्राक्‍कलन समिति ‘’’’ 2003-2004 के 16वें प्रतिवेदन में समाविष्‍ट सिफारिशों पर शासन द्वारा की गई कार्यवाही विषयक समिति का सातवां प्रतिवेदन।

श्री अध्‍यक्ष: श्री तगाराम चौधरी।

याचिकाओं का उपस्‍थापन

श्री तगाराम चौधरी (बाड़मेर): माननीय अध्‍यक्ष महोदय,  मैं आपकी अनुमति से निम्‍नांकित याचिकाओं का उपस्‍थापन करता हूं:-

(1) विधान सभा क्षेत्र बाड़मेर के पंचायत समिति एवं तहसील बायतु जिला बाड़मेर में बालिका औद्योगिक प्रशिक्षण संस्‍थान (आई.टी.आई.) खुलवाने बाबत।

(2) बाड़मेर विधान सभा के बिसाला में प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र को सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में क्रमोन्‍नत कराने बाबत।

श्री अध्‍यक्ष: अनुदान की मांग। श्री सांवर लाल।

अनुदान की मांग

मांग संख्‍या 27-पेयजल योजना की प्रस्‍तुति

श्री सांवर लाल (सिंचाई मंत्री): माननीय अध्‍यक्ष महोदय,  मैं आपकी आज्ञा से प्रस्‍ताव करता हूं कि मांग संख्‍या 27, पेयजल योजना के संबंध में 31 मार्च, 2007 को समाप्‍त होने वाले वर्ष में किये जाने वाले व्‍यय के निमित्‍त राज्‍यपाल महोदय को रुपये 25,74,09,73,000/- (पच्‍चीस अरब चौहत्‍तर करोड़ नौ लाख तिहत्‍तर हजार) तक की राशि प्रदान की जाए।

श्री अध्‍यक्ष: दूसरी मांग रख दीजिए। सिंचाई, 46 । सिंचाई की मांग भी रखिए।

मांग संख्‍या 46-सिंचाई की प्रस्‍तुति

श्री सांवर लाल (सिंचाई मंत्री): अध्‍यक्ष महोदय, मैं आपकी अनुमति से प्रस्‍ताव करता हूं कि मांग संख्‍या 46, सिंचाई के संबंध में 31 मार्च, 2007 को समाप्‍त होने वाले वर्ष में किये जाने वाले व्‍यय के निमित्‍त राज्‍यपाल महोदय को रुपये 19,01,43,38,000/- (उन्‍नीस अरब एक करोड़ तैतालीस लाख अड़तीस हजार) तक की राशि प्रदान की जाए।

श्री अध्‍यक्ष: कोई बोलना चाहेंगे? नहीं बोलेंगे? मंत्रीजी जवाब दें।

मांग संख्‍या 27 व 46 पर विचार

श्री सांवर लाल (सिंचाई मंत्री): अध्‍यक्ष महोदय, मैं आपके माध्‍यम से इस सदन के माननीय सदस्‍यों से अनुरोध करना चाहता हूं कि इस सवा दो साल के समय में राजस्‍थान की मुख्‍यमंत्री वसुंधरा राजे जी के नेतृत्‍व में पेयजल और सिंचाई के संबंध में जितना व्‍यय किया और जितनी योजनाएं कीं यह अपने आपमें एक ऐतिहासिक रिकार्ड के रूप में रहेगा।     अध्‍यक्ष महोदय, लगभग 5 हजार करोड़ की सतही जल की पेयजल योजनाएं सेंक्‍शन करके हमने सवा दो साल में शुरू कीं जो अपने आपमें एक ऐतिहासिक उदाहरण रहेगा। अध्‍यक्ष महोदय, आज ये सदस्‍य शोरगुल कर रहे हैं। जब से सत्‍ता में थे, राजस्‍थान में जगह-जगह इनके मुख्‍यमंत्री ने, इनके मंत्रियों ने पत्‍थर लगाये। उन पत्‍थरों की फण्डिंग की व्‍यवस्‍था राजस्‍थान की मुख्‍यमंत्री वसुंधरा राजे जी ने की है। आज ये सुनना नहीं चाहते हैं। जहां-जहां आपने पत्‍थर लगाये वे पत्‍थर ही रह जाते अगर वसुंधरा जी की सरकार नहीं बनती। अध्‍यक्ष महोदय, मैं आपको कह सकता हूं सिंचाई के क्षेत्र में जहां-जहां पर पानी था हमने टेल एंड के किसानों तक पहुंचाया। इसी की बदौलत राजस्‍थान में रिकार्ड उत्‍पादन हुआ। सरसों की 24 हजार करोड़ की जो खरीद की है यह उसी का नतीजा है जो हमने राजस्‍थान के किसानों को पानी दिया। टेल एंड के किसानों तक पानी पहुंचा। नहरी क्षेत्र के अंदर हमने आबियाना माफ किया, हमने उसका ब्‍याज माफ किया, डिसिल्टिंग कराया, पाकिस्‍तान जा रहे पानी को रोकने का 25 साल बाद में पहली बार प्रयास इस राजस्‍थान की यशस्‍वी मुख्‍यमंत्री के द्वारा किया गया।     माननीय अध्‍यक्ष महोदय,  आपको पता है कि बीच में कई बार ऐसी समस्‍याएं पैदा हुईं, एक बार पंजाब की सरकार ने टर्मिनेशन आफ एग्रीमेंट एक्‍ट पास किया। उसके बाद में राजस्‍थान की यशस्‍वी मुख्‍यमंत्री ने सारे प्रतिपक्ष को विश्‍वास में लेकर सर्वदलीय बैठक की, एक संकल्‍प राजस्‍थान की विधान सभा में पास कराया। उसी का नतीजा है कि आज हमारा मामला सुप्रीम कोर्ट में रेफरेंस हुआ वहां पर मुख्‍यमंत्रीजी ने अच्‍छे-अच्‍छे वकील लगाये। मैं आपके माध्‍यम से कहना चाहता हूं राजस्‍थान के हक का अन्‍तरराज्‍यीय जल को लेकर हम रहेंगे। अभी भी अड़चन डालने की कोशिश की। माननीय मुख्‍यमंत्रीजी ने सभी दलों के नेताओं को बुलाया और विधान सभा में सर्वसम्‍‍मति से संकल्‍प पास करवाया। उसी का नतीजा है कि आज राजस्‍थान को पानी वापस मिलना प्रारंभ हो गया। यमुना का पानी लेने के लिए, नर्बदा का पानी लेने के लिए इस सरकार ने प्रयास किये। आज यह नर्बदा की बातें करते हैं, पाँच साल जब इनका राज था गुजरात सरकार को जो पैसा देना था वह पैसा इन्‍होंने नहीं दिया। इसी की वजह से जो 2004 में पानी राजस्‍थान को मिलता माननीय वसुंधरा जी की कृपा से 646 करोड़ का भुगतान किया। इसकी वजह से इस साल जून तक यह पानी राजस्‍थान की सीमा में आएगा।      (प्रतिपक्ष के माननीय सदस्‍यों द्वारा सदन कूप में नारेबाजी)माननीय अध्‍यक्ष महोदय,  अब ये हो-हो कर रहे हैं, इनको पता नहीं जब इनकी सरकार थी, ये मंत्री थे, एमएलए हैण्‍ड पम्‍प के लिए तरसते थे, एमएलए पाइपलाइन के लिए तरसते थे। आज बिना किसी भेदभाव के राजस्‍थान का कोई भी एमएलए चाहता है, हमने हजारों की संख्‍या में हैण्‍डपम्‍प दिये, पेयजल की योजनाएं सेंक्‍शन कीं, किसी प्रकार का भेदभाव इस राज के अंदर हमने नहीं किया। ..(व्‍यवधान).. इसके अलावा कुछ जानते भी नहीं हो आप। यही धंधा पकड़ लो।

        अध्‍यक्ष महोदय, पेयजल योजनाओं के संबंध में राजस्‍थान में इन दो वर्षों में जितना खर्चा किया मैं कह सकता हूं आज तक नहीं किया।

 

mlb/akt/2b/1350/24.3.2006 

 

माननीय अध्‍यक्ष महोदय, आज यह कोई भी बोलने की स्थिति में नहीं हैं इसलिए किसी न किसी बहाने से आज आपका ये जो असम्‍मान कर रहे हैं, राजस्‍थान की विधान सभा सबसे बड़ा कलंक होगा। माननीय अध्‍यक्ष महोदय, आज तक कांग्रेस और प्रतिपक्ष उलझ सकते हैं, राज और प्रतिपक्ष उलझ सकता है पर माननीय अध्‍यक्ष महोदय के आदेश को नहीं मानना यह सदन की परम्‍परा नहीं रही है। माननीय अध्‍यक्ष महोदय, यह बहुत लम्‍बी चौड़ी उपलब्धियों का मैं लेकर आया, आज इस सदन में सब चीज़ें रखना चाहता था, बताना चाहता था एक एक करके पर जिस प्रकार का माहौल है, मैं आपकी अनुमति यह सारा का सारा सदन की टेबल पर रखना चाहता हूं। माननीय अध्‍यक्ष महोदय, इस राजस्‍थान की जनता तक यह बात पहुंचे कि सवाल दो साल के समय में माननीय वसुंधरा जी के राज में सिंचाई और पेयजल के संबंध में ये अभूतपूर्व काम किये हैं ताकि राजस्‍थान की जनता को मालूम पड़े।

(प्रतिपक्ष के माननीय सदस्‍यों द्वारा सदन कूप में नारेबाजी)

         

मैं आपकी अनुमति से रख रहा हूं।

माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मैं प्रस्‍ताव करता हूं कि पेयजल और सिंचाई के संबंध में दोनों मांगों को पारित करवाया जाए।

मांग संख्‍या 27 का पारण

श्री अध्‍यक्ष: प्रश्‍न यह है कि मांग संख्‍या 27 पेयजल योजना के संबंध में 31 मार्च, 2007 को समाप्‍त होने वाले वर्ष में किये जाने वाले व्‍यय के निमित्‍त राज्‍यपाल महोदय को रुपये 25,74,09,73,000/- (पच्‍चीस अरब चौहत्‍तर करोड़ नौ लाख तिहत्‍तर हजार) तक की राशि प्रदान की जावे ?

                                      (स्‍वीकृत)

  मांग स्‍वीकार की गई।

मांग संख्‍या 46 का पारण

प्रश्‍न यह है कि मांग संख्‍या 46 सिंचाई के संबंध में 31 मार्च, 2007 को समाप्‍त होने वाले वर्ष में किये जाने वाले व्‍यय के निमित्‍त राज्‍यपाल महोदय को रुपये 19,01,43,38,000/- (उन्‍नीस अरब एक करोड़ तैंतालीस लाख अड़तीस हजार) तक की राशि प्रदान की जावे ?

                                      (स्‍वीकृत)

  मांग स्‍वीकार की गई।

  सदन की बैठक शनिवार, दिनांक 25 मार्च, 2006 के प्रात: 11.00 बजे तक के लिए स्‍थगित की जाती है।

(तदनंतर सदन की बैठक 13.52 बजे शनिवार, 25 मार्च, 2006 के प्रात: 1100 बजे तक के लिए स्‍थगित हुई)

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

*** अध्‍यक्षपीठ के आदेशानुसार अंकित नहीं किया गया।

+++ अभिव्‍यक्ति/शब्‍द अध्‍यक्षपीठ के आदेशानुसार अपलोपित किया गया।